Tuesday, 6 December 2011

अग्नि स्वरुप श्री शमी जी का वृक्ष विश्व का गौरव, विश्व का आधार, शिव-शक्ति का प्रतीक शमी भारत का गौरव व छत्तीसगढ़ का मान, नवागढ़ की शान भारतीय संस्कृति, धार्मिक दुर्लभ ग्रन्थ, वेद-पुराणों में चमत्कारी, तेजस्वी, अमृत के सामान शमी की महिमा से भरे पड़े हैं। शमी जी का पौधा पुन्यवानो के घर, पूर्व जन्मकृत पुण्य उदय होने पर ही जागृत अवस्था में उत्पन्न होता है। नवागढ़ की उस पुण्य पावन धरा में जागृत चैतन्य शमी जी का वृक्ष आज विद्यमान है। यह वाकई गौरव की बात है। वैदिक मंत्रो में देवताओ के अंशावतार के बारे में विशेष उल्लेख किया है। शमी के रूप में भगवान अग्नि ने इस पावन धरा में वृक्ष के रूप में जन्म लिया।